Monday, 27 July 2026

मूर्खता का सिलेबस

 


जरा सा बेईमान हो लेता तो यूं बेबस नहीं होता

टुकड़ों में बेच ईमान लेता तो यूं बेबस नहीं होता

 

हमारी सारी होशियारी होती रही नीलाम सरेबाजार

सच कहते हैं, मूर्खता का कोई सिलेबस नहीं होता

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