Wednesday, 20 May 2026

पुल




बहुत छोटे से वक्त में आधारहीन हो गए हो

पुल, तुम क्यों इतने अनुशासनहीन हो गए हो

वहां बनने से पहले लुढ़के, यहां बनने के बाद

रहगुजर की तरह तुम भी साधनहीन हो गए हो

 

पुल, तुम क्यों इतने अनुशासनहीन हो गए हो

रहगुजर की तरह तुम भी साधनहीन हो गए हो

Wednesday, 13 May 2026

सब गिर रहा


 



सोना-चांदी का ताव, रुपए का भाव, सब गिर रहा है

इजराइली दाव, अमेरिका का प्रभाव, सब गिर रहा है

 

आगाज जंग का जिसने भी किया, अंजाम पा न रहा

रूसी प्रभाव, अमेरिका का प्रस्ताव, सब गिर रहा है

 

ऑपरेशन सिंदूर के बरस पूरे कर गया अपना भारत

पाकिस्तान पर दबाव, उसका बर्ताव, सब गिर रहा है

 

चुनावों के बाद बदले रहे सरकारों के सरदार, मगर-

वोटरों का जुड़ाव, लोगों का चाव, सब गिर रहा है

 

बातें दुनिया की करो या किस्सा देश का सुना आओ

राजनीतिक दबाव, रणनीतिक फैलाव, सब गिर रहा है

 

इजराइली दाव, अमेरिका का प्रभाव, सब गिर रहा है

सोना-चांदी का ताव, रुपए का भाव, सब गिर रहा है

Saturday, 2 May 2026

दीदी का बंगाल

 


देश के दादा चाह रहे छीनें दीदी का बंगाल

छीनें दीदी का बंगाल, करें उनको कंगाल

करें उनको कंगाल, कमल हो मालामाल

फिर कहेंगे दादा, मेरा हुआ दीदी का बंगाल

Tuesday, 28 April 2026

गोली चल रही है

 


दुनिया के दादा बचके, गोली चल रही है

टेबल के नीचे जा घुसिए, गोली चल रही है

दुनियाभर में भले आपकी बोली चल रही है

घर में ही आपके, मगर गोली चल रही है

 

तलवे चाट रहा अपना छुटकुन पाकिस्तान

उसको तो पैसे से मतलब बेच रहा है ईमान

बम फोड़ रहे आप मर रहे नाहक ही इंसान

बचा कौन है, ना ईरान, ना अफगानिस्तान

 

पश्चिम के गोले से आई है पूरब में आफत

पूरब में आई आफत तो कैसे आप अनाहत

बड़े जंगजू आप, चाहत में है तेल की राहत

दादा कैसे बने रहोगे जब पूरी दुनिया आहत

 

दुनिया के दादा बचके, गोली चल रही है

टेबल के नीचे जा घुसिए, गोली चल रही है

Thursday, 16 April 2026

छुटकुन

 


बना चौधरी छुटकुन अपना टेबल दिया सजाय

टेबल दिया सजाय, बैठा पलक पांवड़े बिछाय

शांति खोजने पूरब आया, ताल ठोकने पश्चिम

बना चौधरी छुटकुन अपना टेबल दिया सजाय

 

किस मुल्क से लकड़ी आई और कहां से इशारा

मेजपोश किसने दी, छुटकुन ने कैसे खूंटा गाड़ा

बंद कमरे में एक-दूजे के सम्मुख दिया बिठाय

बना चौधरी छुटकुन अपना टेबल दिया सजाय

 

छुटकुन दोनों को साध रहा, उड़कर आए बेचारे

एक, आंख में आंसू लेकर, दूजा ले आया अंगारे

दोनों अपने-अपने घर लौटे सबको ठेंगा दिखाय

बना चौधरी छुटकुन अपना टेबल दिया सजाय

Wednesday, 15 April 2026

बिहार की राजनीति


 




पहली बार गेरूआ सरदार देखेगी पुरानी सरकार

सूबे की सत्ता में लिखेगी अब नई कहानी सरकार

पाटलिपुत्र की गद्दी पर आये हैं अब सम्राट नये

सुशासन की अब नई-नई छोड़िए निशानी सरकार

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सुशासन के नये खेवैया, सम्राट रहेंगे पटना में

तीर गिरा दिल्ली जाकर, खिला कमल पटना में

खिला कमल पटना में, डबल इंजन की सरकार

बदलेगा गणित सियासत का नये सिरे से पटना में

Monday, 9 March 2026

सत्तांतरण

 

समाजवाद की अर्थी पर वंशवाद के पुष्प चढ़ाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

तुम तेजस्वी हो, तुम प्रदीप्त चिराग

रामनाथ, तुझमें अखिलेश का राग

नतमस्तक हैं दरबारी सब, मिलकर चारण गाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

लोकतंत्र पर क्यों करनी बात

समाजवाद अब कल की बात

उत्तराधिकार तुम्हें अर्पित, आ जाओ सम्राट बनाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

तख्त संभालो, ताज संभालो

खानदान की तुम लाज संभालो

जातिवाद का गणित सिखा, तुमको राजनीतिज्ञ बनाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

पुल

बहुत छोटे से वक्त में आधारहीन हो गए हो पुल, तुम क्यों इतने अनुशासनहीन हो गए हो वहां बनने से पहले लुढ़के, यहां बनने के बाद रहगुजर की तरह ...