बना चौधरी छुटकुन
अपना टेबल दिया सजाय
टेबल दिया सजाय, बैठा
पलक पांवड़े बिछाय
शांति खोजने पूरब
आया, ताल ठोकने पश्चिम
बना चौधरी छुटकुन
अपना टेबल दिया सजाय
किस मुल्क से लकड़ी
आई और कहां से इशारा
मेजपोश किसने दी,
छुटकुन ने कैसे खूंटा गाड़ा
बंद कमरे में एक-दूजे
के सम्मुख दिया बिठाय
बना चौधरी छुटकुन
अपना टेबल दिया सजाय
छुटकुन दोनों को साध
रहा, उड़कर आए बेचारे
एक, आंख में आंसू
लेकर, दूजा ले आया अंगारे
दोनों अपने-अपने घर
लौटे सबको ठेंगा दिखाय
बना चौधरी छुटकुन
अपना टेबल दिया सजाय