कमाई उम्रभर की कहां
रखी, बेटा पूछता है
बनाई जो मिल्कियत
गई कहां, बेटा पूछता है
ढली उमरिया आपकी,
चढ़ी मेरी जवानी है
लिखा क्या अपनी वसीयत
में, बेटा पूछता है
मेरे सपनों का सारा
दारोमदार टिका आप पर
पूरे आपकी सोहबत में
होंगे ना, बेटा पूछता है
बिताई आपने भी होगी
जवानी अपनी मर्जी से
मुझे टोकने की क्यों
है जरूरत, बेटा पूछता है
सोचता हूं मैं किससे
पूछूं किसकी मर्जी रही
नहीं मुझमें जरा भी
हिम्मत मगर, बेटा पूछता है
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