Sunday, 21 June 2026

पहले रोटी खाने दो

 


प्यार-मोहब्बत और इश्क-विश्क, जाने दो

भूख लगी है हमको, पहले रोटी खाने दो

 

दल-बदल और टूट-फूट की बातें हैं सियासी

छोड़ो इन बातों को, धंधे पर ध्यान लगाने दो

 

बादल गरजे, पर बरसे नहीं, सूखे हैं खेत

धीरज धरो कुछ दिन, सावन को आने दो

 

कसमें-वादे मैं करता नहीं अब भूले से

चौखट पर अंधियारा है, इसको छंट जाने दो

 

छूटे हैं जितने काम मेरे, सब करेंगे बाद में

भूख लगी है हमको, पहले रोटी खाने दो

Saturday, 6 June 2026

प्रधान की परीक्षा


 


परीक्षा के लिए परीक्षा ले रहे दिल्ली के प्रधान

 दिल्ली के प्रधान कहते हैं, दें फिर से इम्तिहान

 दें फिर से इम्तिहान हमारे बच्चे, कैसा विधान

 कैसा यह विधान प्रधान, बच्चे की ले लोगे जान

 

 नीट दिया, अब कहते हैं री-नीट लेगी सरकार

 कॉपी नहीं बदलेगी फिर से, लोगे गारंटी सरकार

 दसवीं वाले तड़प रहे, 12वीं वाले बेदम सरकार

 माफी दो बच्चों को, गर्मी में मत झुलसाओ सरकार

 

कहते हैं कि इस मसले पर नजर गड़ाए हुए हैं साहब

 नजर गड़ाकर दो हाकिम को बदल चुके हैं साहब

 निपटाए छोटी मछली, बड़ी क्या कर रहे हैं साहब

 करिए रहम अपने ही बच्चे हैं, क्या कहते हैं साहब


बेटा पूछता है

  कमाई उम्रभर की कहां रखी, बेटा पूछता है बनाई जो मिल्कियत गई कहां, बेटा पूछता है   ढली उमरिया आपकी, चढ़ी मेरी जवानी है लिखा क्या अपन...