बहुत छोटे से वक्त में आधारहीन हो गए हो
पुल, तुम क्यों इतने अनुशासनहीन हो गए हो
वहां बनने से पहले
लुढ़के, यहां बनने के बाद
रहगुजर की तरह तुम
भी साधनहीन हो गए हो
पुल, तुम क्यों इतने
अनुशासनहीन हो गए हो
तेल का ज्यादा दाम चुकाए जो दाल-भात सब महंगी खाए जो मेरा सलाम! मध्यम वर्ग के बचत खातों को निम्न वर्ग के लथपथ हाथों को मेरा सल...
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