Friday, 14 August 2026

देर हो जाती है

 



 

जाओ-जाओ सुनकर भी छोड़ जाने में

आओ-आओ सुनकर भी आ जाने में

देर हो जाती है

 

नीयत जो है आपकी, उसे बदलने में

नीति आखिर क्या होगी, यह बताने में

देर हो जाती है

 

सड़कों पर आ चुकी भीड़ को भगाने में

सदन में हो रहे शोर को शांत कराने में

देर हो जाती है

 

सियासत के शफे को शफ्फाक रखने में

सड़क से सदन तक को शांत करने में

देर हो जाती है

 

भारी पड़ जाती है देरी, सुबह जागने में

भारी हो चुकी जो शाम, हल्का बनाने में

देर हो जाती है

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देर हो जाती है

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