Monday, 9 March 2026

सत्तांतरण

 

समाजवाद की अर्थी पर वंशवाद के पुष्प चढ़ाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

तुम तेजस्वी हो, तुम प्रदीप्त चिराग

रामनाथ, तुझमें अखिलेश का राग

नतमस्तक हैं दरबारी सब, मिलकर चारण गाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

लोकतंत्र पर क्यों करनी बात

समाजवाद अब कल की बात

उत्तराधिकार तुम्हें अर्पित, आ जाओ सम्राट बनाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

 

तख्त संभालो, ताज संभालो

खानदान की तुम लाज संभालो

जातिवाद का गणित सिखा, तुमको राजनीतिज्ञ बनाएं

आओ राजपुत्र, तुम्हें साम्राज्यवाद का तिलक लगाएं

No comments:

बेटा पूछता है

  कमाई उम्रभर की कहां रखी, बेटा पूछता है बनाई जो मिल्कियत गई कहां, बेटा पूछता है   ढली उमरिया आपकी, चढ़ी मेरी जवानी है लिखा क्या अपन...