Sunday, 27 June 2010
अंतर्राष्ट्रीय सीमा
भारत और पाकिस्तान की चमलियाल स्थित जीरो लाइन. यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा है. बांध पर पाकिस्तान के रेंजर मुस्तैद हैं. सामने बी एस एफ के सैनिक.
हमारे पाक क़दमों के निशां
तुम्हारी जमीं पर पड़े हैं
नीयत तुम्हारी जान ली
देखो फिर भी हम अड़े हैं
तुम्हारे दरख़्त लहलहायें
याद रख इधर उसकी जड़ें हैं
क़द्र करना सीख नेक बन
हर मोड़ पड़ हम तुमसे बड़े हैं.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
चार-चार लाइनें
तुम दुबली रही, मेरा मोटापा आ गया उम्र पर दोनों की बढ़ी, आंखों के दरमियां ये चश्मा आ गया तुम शांत थी, अब गुस्सैल हो चली लाजिमी ...
-
पिता तलहटी में बचे तालाब के थोड़े से पानी भागती जिंदगी में बची थोड़ी सी जवानी दोनों को समेटकर सींचता हूं बड़े हो...
-
मानता हूँ कि सही आकर के लिए लोहे को खूब तपाया जाता है, फिर पीटा भी जाता है। छोटे-बड़े तरह-तरह के - हथोड़े का दर्द पिलाया जाता है। अच्छा होता...
-
चांद, तारे, फूल, शबनम ----------------- चांद, जिस पर मैं गया नहीं जिसे मैंने कभी छुआ नहीं उजले-काले रंगों वाला- जो दिन में कभी द...
No comments:
Post a Comment